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Poetry

An Ode to Childhood – बचपन मेरा बना रहे

पैरों मैं पंख लिए  जब,  दौड़े चले वह नन्हे पगनैना देख पुलकित होए, सुन्दर बने उनसे यह जग ज़मीं पर टिके न टिकाये, वह नन्हे पैरों के दौड़ते निशाँचंचल पग को चूमना चाहें, इस व्याकुल धरती की प्यासी जाँ  बचपन के यादों से लदे, तह दिल से दुआ करता हूँ बचपन मेरा बना रहे, दुआ रब […]

आज मैंने ऊँगली की – मेरे देश के भविष्य से

पहली बार ज़िन्दगी मैं, हमारी राष्ट्रभाषा मैं ब्लॉग लिखने की कोशिश कर रहा हूँ।हिन्दी भाषा के प्रेमी, विशेषज्ञ, और बीते हुए कई विद्वानों की आत्माओं से मैं अपनी कच्ची भाषा की माफ़ी चाहूँगा। आज हमारे देश के केंद्रीय चुनाव का चरण, मेरे शहर मुंबई मैं हुआ। काफ़ी दिनों से तमन्ना थी के मैं अपने देश […]